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Saturday, 11 March 2017

आज का सुविचार ...

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आज  का सुविचार ...


"खाया पिया - अंग लगेगा"

"दान किया - संग चलेगा"

"बाकी बचा - जंग लगेगा"

Monday, 6 March 2017

ॐ के लाभ: जरूर पढें...

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ॐ के 11 शारीरिक लाभ: जरूर पढें...


ॐ  तीन अक्षरों से बना है।


अ उ म् । 

"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,

"उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, 

"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।


ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।


ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।


जानीए ...


ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक 


और

अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...


1. ॐ और थायराॅयडः-

ॐ का उच्‍चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।


2. ॐ और घबराहटः-

अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।


3. ॐ और तनावः-

यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।


4. ॐ और खून का प्रवाहः-

यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।


5. ॐ और पाचनः-

ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।


6. ॐ लाए स्फूर्तिः-

इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।


7. ॐ और थकान:-

थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।


8. ॐ और नींदः-

नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।


9. ॐ और फेफड़े:-

कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।


10. ॐ और रीढ़ की हड्डी:-

ॐ के पहले शब्‍द का उच्‍चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।


11. ॐ दूर करे तनावः-

ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।


आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण करेंगे। साथ ही साथ इसे उन लोगों तक भी जरूर पहुंचायेंगे जिनकी आपको फिक्र है

"पहला सुख निरोगी काया"


अपना ख्याल रखिये,खुश रहें ।

शरीर और आत्मा की बातें चलो सुनते हैं...

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शरीर और आत्मा


की बातें चलो

सुनते हैं...


सुबह के 4 बजे(AM):-


आत्मा -चलो उठो साधना

का समय हो गया है !

उठो ना !

शरीर -सोने दो न !

 क्यों तंग कर रही हो ?


पता नहीं क्या रात को बहुत देर से


सोया था..


थोड़ी देर के बाद

साधना करूँगा ।

आत्मा -बोली ठीक

है और मन में सोचने

लगी मुझे भूख लगी है

और ये है क़ि समझता

ही नहीं है

सुबह के 6:-बजे तो

आत्मा बोली - अब तो उठ जाओ 

भाई !सूरज भी आपनी

किरणे फैलाते हुए हमें उठा रहा है

 उठो न plzzzzz.

शरीर -कितना परेशान

करती हो ! ठीक है उठ

रहा हूँ बस 5 मिनट

और सोने दो !आत्मा

छटपटाती हुई शरीर के

इंतजार में कि ये कब

उठेगा और कब मेरी

भूख को शांत करेगा


!!!!!थोड़ी देर बाद

साधना में बैठने के

लिए शरीर ने वक्त निकाला

20-25 मिनट साधना

में बैठा और आत्मा कुछ

तृप्त ही हुई थी की शरीर

उठ गया.......


आत्मा - अरे रे रे रे क्या

हुआ क्यों उठ गए अभी

तो मैं तृप्त हुई भी नहीं हूँ

कि तुम उठ रहे हो !!!!!


क्या हुआ भाई ? कहाँ जा

रहे हो ?


शरीर - अरे मुझे (ऑफिसor घर का ) काम पर

जाना है तुम्हारी तो कुछ समझ

में ही नहीं आता !!!!


आत्मा - ठीक है शाम को

तो साधना करोगे न ?


शरीर - (परेशान होते हुए )हाँ भई हाँ ।

सारा दिन निकल गया

आत्मा भूख से

तड़पते हुए ......


शाम हो गई आत्मा

खुश हुई चलो अब

तो मेरी भूख का निवारण

हो ही जायेगा ...


शरीर ऑफिस और

घर के काम से कुछ

फ्री हुआ ही था की

आत्मा आवाज देती है ।


आत्मा - अरे फ्री हो गए !

अब तो चल ही सकते हो साधना 

के लिए चलो न ।


शरीर -क्यों सारा दिन तंग

 करती रहती हो ?


देखती नहीं हो मैं अभी

ऑफिस और घर के

कामों से फ्री हुआ हूँ,

थक गया हूँ ।


आत्मा - अरे तुम थके

हुए हो तो साधना में

जैसे ही बैठोगे तो तुम्हारी थकान 

चुटकी में दूर

हो जाएगी ...


शरीर -नहीं अभी नहीं

रात को पक्का बैठूँगा ।


शरीर की स्थिति- आँखें

नींद में भरी हुई,

थकान से बुरा हाल

जैसे-तैसे आत्मा की

ख़ुशी के लिए साधना

में बैठे ....

आत्मा की कुछ

भूख शांत हुई ही थी

की यहाँ शरीर की

आँखे नींद से भर गई ..


शरीर उठा और सोने

के लिए जाने ही

लगा था क़ि ..


आत्मा बोल उठी -अरे

अरे क्या हुआ क्यों

उठ गए अभी बैठे ही

थे की उठ भी गए ।


शरीर - मैं थक गया हूँ

यार !!


कल सुबह को पक्का 4

बजे उठ के साधना

करुगा .....


आत्मा - तुम फिर से

बहाना बना रहे हो

तुम नहीं उठोगे

मुझे पता है ।


आत्मा दुखी होकर

चुप हो गई तभी शरीर

ने मोबाइल पर msg देखा।


शरीर - अरे ये तो

मेरे best frnd का msg

है चलो थोड़ी देर चैटिंग

करके सोता हूँ ...


आत्मा सोचती है मन

ही मन(देखो साधना के

वक्त तो इसे नींद आ

रही थी और अब देखो friends 

से बात करने

के वक्त नींद ही गायब

हो गई ।


जिसकी वजह से इसका अस्तित्व

 है उसी की

ही परवाह नहीं है इसे)


आत्मा - खैर चलो कल

देखते है।

परंतु फिर वही दिन

चर्या सुबह के 4 बजे

से रात के वक्त तक

और आत्मा भूखी

की भूखी रह जाती है ।


Thursday, 16 February 2017

"अनमोल वचन"-- *जीवन चाय बनाने के जैसा है*...

🙏 *जय जिनेन्द्र*  🙏 

🌺🍃🌼🌹🌼🍃🌺

  *जीवन चाय बनाने के जैसा है*..

            ☕☕☕              

जीवन चाय बनाने के जैसा है-


अपने अहं को उबाल लीजिये

अपनी चिंताओं को भाप बनाकर उड़ा दीजिये

अपने दुखों को घुल जाने दीजिये

गलतियों को छान लीजिये

और खुशियों का स्वाद लीजिये ! 

        🌞 सुप्रभात 🌞           

  🙏🌹🌹💐🌹🌹🙏